काठमाडौं । लुम्बिनी प्रदेशमा चालु आर्थिक वर्षको पहिलो ११ महिनामा आन्तरिक राजस्व सङ्कलनमा सुधार देखिएको छ। प्रदेश सरकारका अनुसार आर्थिक सूचकहरूमा मिश्रित प्रगति भए पनि समग्र आर्थिक वृद्धिदरमा कमी आउने अनुमान गरिएको छ।
आर्थिक मामिला तथा योजनामन्त्री धनेन्द्र कार्कीले प्रदेशसभामा प्रस्तुत गरेको विवरणअनुसार आन्तरिक स्रोत, खर्च, विकास आयोजना तथा समष्टिगत अर्थतन्त्रका सूचकहरू सार्वजनिक गरिएको हो।
समग्र आर्थिक तथा विकास तथ्यांक
| सूचक | विवरण |
| आन्तरिक राजस्व सङ्कलन (११ महिना) | ५ अर्ब १४ करोड ४ लाख |
| राजस्व वृद्धि | १२% (गत वर्षको तुलनामा) |
| प्रदेश सञ्चित कोषमा जम्मा रकम | २६ अर्ब ५७ करोड ७७ लाख |
| कुल खर्च | १७ अर्ब ४७ करोड ८२ लाख |
| बजेट खर्च प्रतिशत | ४४.८५% |
| पुँजीगत खर्च | १० अर्ब ११ करोड ९ लाख |
| चालु खर्च | ७ अर्ब ३६ करोड ७३ लाख |
| स्थानीय तहलाई वित्तीय हस्तान्तरण | १ अर्ब ९३ करोड २३ लाख |
| वित्तीय हस्तान्तरण खर्च अवस्था | ५६.४२% |
| राजधानी व्यवस्थापन आयोजना भौतिक प्रगति | १००% |
| राजधानी व्यवस्थापन आयोजना वित्तीय प्रगति | ९५.५८% |
| आर्थिक वृद्धिदर (चालु वर्ष अनुमान) | २.८७% |
| अघिल्लो वर्षको आर्थिक वृद्धिदर | ४.२७% |
| कुल गार्हस्थ्य उत्पादन (प्रदेश) | ९ खर्ब ३७ अर्ब |
| राष्ट्रिय GDP मा योगदान | १४.२% |
| विद्युत् पहुँच | ९८.६% |
| इन्टरनेट पहुँच | करिब ८०% घरधुरी |
प्रदेश सरकारले आर्थिक वृद्धिदर घट्ने अनुमानको कारण कृषि क्षेत्रमा अपेक्षित सुधार नहुनु, साथै यातायात, सञ्चार र व्यापार क्षेत्रमा सुस्त विस्तार रहेको जनाएको छ। संघीय अनुदान, राजस्व बाँडफाँट र आन्तरिक स्रोतले प्रदेशको आय संरचनामा महत्वपूर्ण योगदान पुर्याइरहेको पनि विवरणमा उल्लेख छ।




